भक्तामर स्तोत्र परिचय यह सुप्रसिद्ध स्तोत्र है। कुद्ध नृपति द्वारा आचार्य मानतुङ्ग को बलपूर्वक पकड़वा कर ४८ तालों के अन्दर बन्द करवा दिया गया था। उस समय धर्म की रक्षा और प्रभावना हेतु आचार्य श्री ने भगवान आदिनाथ की इस स्तुति की रचना की थी जिससे ४८ ताले स्वयं टूट…
Stotra · स्तोत्र